Thursday, 8 September 2016

ऑनलाइन बिजनेस में भी कमा सकते हैं पैसा


बाजार के अध्ययन बता रहे हैं कि यूरोपीय और अमेरिकी बाजारों की तरह भारत में भी आॅनलाइन व्यापार फलने-फूलने लगा है। ऐसे में करियर विकल्प के रूप में ऑनलाइन एंटरप्रिन्योरशिप को अपनाना फायदे का सौदा बन सकता है।
हाल में ऑनलाइन रिटेल इंडस्ट्री ने बिक्री के रिकॉर्ड कायम किए हैं। फ्लिपकार्ट, अमेजन स्नैपडील समेत कॉमर्स इंडस्ट्री के दिग्गजों ने बाजार को कम्प्यूटर स्क्रीन पर पहुंचा कर ऑनलाइन बिजनेस को नई ऊंचाइयां दी हैं। अमेजन और ईबे से ज्यादा सामान बेचने वाली चीनी कंपनी अलीबाबा ने भी पिछले महीनों में विश्व भर में अपनी साख कायम की है। इसमें कोई दो राय नहीं है कि ऑनलाइन बिजनेस पोर्टल तेजी से दुनिया भर में अपनी जगह बना रहे हैं और अब भारत भी इसमें पीछे नहीं है। एसोचैम के मुताबिक इस साल आॅनलाइन सेल का आंकड़ा दस हजार करोड़ तक पहुंच सकता है, जो पिछले साल की तुलना में 350 प्रतिशत अधिक है। इस तरह की वृद्धि दर इस बात के संकेत दे रही है कि यूरोपीय और अमेरिकी बाजारों की तरह भारत में भी आॅनलाइन व्यापार फलने-फूलने वाला है।
ऐसे कर सकते हैं शुरुआत-
ऑनलाइन एंटरप्रिन्योरशिप की शुरुआत के लिए सबसे पहले आपको यह निर्धारित करना होगा कि आप किस तरह के उत्पाद या सेवाओं को आॅनलाइन बेचना चाहते हैं। किसी भी व्यवसाय को शुरू करने के लिए नियमों और करों के भुगतान के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना होता है। आॅनलाइन व्यवसाय के लिए भी इन नियमों की पूर्ति करनी पड़ती है। राज्य और केन्द्र के नियमों के अनुरूप बेचे जाने वाले उत्पाद के लिए लाइसेंस और स्वीकृति आवश्यक है इसलिए बिजनेस शुरू करने से पहले आपको उसे पेपर पर उतारना होगा। साथ ही अपने नाम और ट्रेडमार्क को दुरुपयोग से बचाने के लिए उसे अपने लिए अधिकृत भी करवाना होगा।
डोमेन नेम का रजिस्ट्रेशन-
इसके तहत अपनी वेबसाइट के लिए आपको एक वेब एड्रेस चुनना होता है। डोमेन नेम दरअसल व्यवसाय की आॅनलाइन पहचान है। इसे चुनते वक्त आपको अपने व्यवसाय और बेचे जाने वाले उत्पाद को ध्यान में रखकर नाम निर्धारित करना होता है। आप स्वयं भी डोमेन नेम रजिस्टर्ड करवा सकते हैं। ढेरों वेबसाइट्स आपके लिए यह काम बहुत कम कीमत में करती हैं।
वेब होस्टिंग सर्विस-
जो भी बिजनेस शुरू करने जा रहे हैं उसके लिए आपको काफी मात्रा में डेटा स्टोर करना पड़ेगा। साथ ही अपनी वेबसाइट पर आने वाले ट्रैफिक को भी स्मूथ बनाना होगा। इन सबके लिए आपको वेब सर्वर की जरूरत होगी। शुरू में ही सर्वर स्थापित करना बेहद खर्चीला काम है और इसके लिए आपको फुलटाइम तकनीशियन और वेब डेवलपर्स की आवश्यकता होगी। ऐसे में सर्वर खुद होस्ट करने की बजाय वेब होस्टिंग सर्विस की सेवाएं लेना ज्यादा ठीक होगा। ढेरों आॅनलाइन वेब होस्टिंग सर्विसेज बेहतरीन आॅफर्स के साथ ये सेवाएं उपलब्ध करवा रही हैं। ऐसी होस्टिंग सेवा को चुनना बेहतर होगा जो आपकी जरूरत के मुताबिक स्पेस और सुविधाएं प्रदान कर रही हों। वेबसाइट को डिजाइन
यह काम किसी बिजनेस प्लेस के इंटीरियर जितना ही महत्वपूर्ण है इसलिए इसे अनुभवी वेब डिजाइनर से करवाएं।
ई काॅमर्स साॅफ्टवेयर-
किसी भी आॅनलाइन स्टोर की सबसे बड़ी चुनौती है अपनी विश्वसनीयता को बनाए रखना। अपने ग्राहकों को यह भरोसा दिलाना कि शॉपिंग के दौरान इस्तेमाल की जाने वाले उनकी क्रेडिट कार्ड डिटेल्स आपकी फर्म के साथ सुरक्षित हैं। इस काम को काॅमर्स साॅफ्टवेयर और थर्ड पार्टी एश्योरेंस ने सहज बनाया है। जेपो, कार्ट राॅकेट, फ्रीकार्ट जैसी ढेरों काॅमर्स साॅफ्टवेयर सेवाएं इंटरनेट पर सहज ही उपलब्ध हैं जो सिक्योरिटी से लेकर आपकी साइट की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए हर संभव काम करती हैं।
ऐसे तैयार करें ऑनलाइन स्टोर-
आॅनलाइन स्टोर के लिए कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
बिजनेस की आधारभूत जरूरतों और संसाधनों की व्यवस्था के बाद ऑनलाइन बिक्री के लिए एक 24x 7 कस्टमर केयर की जरूरत होगी, जो आपके ग्राहकों से आॅर्डर लेने और असिस्टेंस देने के लिए हमेशा तैयार रहे। ढेरों डाॅमेस्टिक काॅल सेंटर्स इस काम को बखूबी कर रहे हैं। वेबसाइट के लुक, नैविगेशन, लोडिंग टाइम जैसे तकनीकी फीचर्स पर ध्यान देना जरूरी है। उत्पादों को बेहतरीन शब्दों में ढालकर प्रस्तुत करने के लिए एक अच्छे काॅपीराइटर और वेब बैनर एड बनाने के लिए क्रिएटिव डिजाइनर्स की मदद लेनी होगी। एक अच्छा फोटोग्राफर भी आॅनलाइन स्टोर की सफलता के लिए जरूरी है जो उत्पादों के आकर्षक फोटोज वेबसाइट के लिए उपलब्ध करवा सके।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट-
इस व्यवसाय की मुख्य चुनौती है कि यह तकनीकी पर काफी निर्भर है। ऐसे में इकोफ्रेंडली कंज्यूमर विहेवीयर की समझ भी जरूरी है।


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