Monday, 5 September 2016

मोती की खेती कर हर महीने कमा सकते हैं लाखों

अगर आप छोटे निवेश में ऐसा बिजनेस करना चाहते हैं जिससे आपको बड़ा मुनाफा हो तो यह खबर आपके काम की है। मोती की खेती कर के आप अपना यह फाइनेंशियल गोल अचीव कर सकते हैं। आप महज 2 लाख रुपए के निवेश से करीब डेढ़ साल में 20 लाख रुपए तक कमा सकते हैं।
20 हजार रुपए के निवेश से करें शुरुआत-
मोती की खेती उसी तरह की जाती है जैसे वह प्राकृतिक रूप से तैयार होता है। यहां भी सीप से ही मोती बनता है। मोती की खेती छोटे स्तर पर भी शुरू की जा सकती है। इसके लिए 500 वर्गफीट का तालाब बनाना होगा। तालाब में आप 100 सीप पालकर मोती उत्पादन शुरू कर सकते हैं। हर सीप की बाजार में कीमत 15 से 25 हजार रुपए हाती है। इसके लिए स्ट्रक्चर सेटअप पर 10 से 12 हजार रुपए खर्च होंगे जबकि वॉटर ट्रीटमेंट पर 1000 रुपए और 1000 रुपए इंस्ट्रूमेंट्स खरीदने में खर्च होंगे।
लाखों में है कमाई-
15 से 20 महीने बाद एक सीप से एक मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है। बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है। इस तरह अगर एक मोती की औसत कीमत आप 800 रुपए भी मानते हैं तो इस अवधि में 80,000 रुपए तक कमा सकते हैं। सीप की संख्या आप बढ़ाकर अपने संसाधनों के आधार पर कर सकते हैं मसलन अगर 2000 सीप पालते हैं तो इस पर खर्च करीब 2 लाख रुपए आएगा। इस हिसाब से आप 15 से 20 महीने की फसल पर हर महीने आप 1 लाख रुपए तक कमा सकते हैं। बशर्ते आपके मोती बेहतर क्वालिटी के हों।
बीज डालने के लिए करनी होती है सीप की सर्जरी-
सबसे पहले आपको इस खेती के लिए कुशल वैज्ञानिकों से प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है जो भारत सरकार के द्वारा कराया जाता है। प्रशिक्षण के बाद आपको सरकारी संस्थानों या मछुआरों से सीप खरीदने होंगे। सीपों को खुले पानी में दो दिन के लिए छोड़ा जाता हे। इससे उनके उपर का कवच और मांसपेशियां ढीली हो जाती हैं। सीपों को ज्यादा देर तक पानी से बाहर नहीं रखना चाहिए। मांशपेशियां ढीली होने के बाद सीपों की सर्जरी कर उनकी सतह पर 2 से 3 एमएम का छेद करके उसमें रेत का एक छोटा कण डाला जाता है। यह रेत का कण जब सीप को चुभता है तो वह उस पर अपने अंदर से निकलने वाला पदार्थ छोड़ना शुरू कर देता है। सीपों को नायलॉन के बैग में रखकर तालाब में बांस या पीवीसी के पाईप के सहारे छोड़ दिया जाता है। 15 से 20 महीने बाद सीप में मोती तैयार हो जाता है आप उसका कवच तोड़कर मोती निकाल सकते हैं।
देश-विदेश में है डिजाईनर मोती की बड़ी मांग-
आमतौर मोती गोल होता है लेकिन, खेती के जरिए आप मोती को डिजाइन में भी बना सकते हैं जिसकी कीमत ज्यादा होती है। सीप के अंदर किसी भी आकृति (गणेश, ईसा, क्रॉस, फूल, आदि) का फ्रेम डाल देते हैं, पूरी प्रक्रिया के बाद मोती यही रूप लेता है। देश विदेश में इस प्रकार के मोतियों की बहुत अधिक मांग है और यह साधारण मोती से कई गुना अधिक कीमत पर बिकते हैं। एक मोती की कीमत 2000 रुपए से 15 हजार रुपए तक हो सकती है, बशर्ते उसकी क्वालिटी अच्छी हो।
सरकार खुद कराती है ट्रेनिंग-
मोती की खेती देश में बहुत पहले से की जाती रही है, लेकिन करीब 4 दशक पहले यह बिल्कुल न के बराबर हो गई थी। इंडियर काउंसिल फॉर एग्रीकल्चर रिसर्च के तहत एक नए विंग सीफा यानि सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फ्रेश वॉटर एक्वाकल्चर इसके लिए निशुल्क ट्रेनिंग कराती है। इसका मुख्यालय भुवनेश्वर में है और यह 15 दिनों की ट्रेनिंग देता है, जिसमें सर्जरी समेत सभी कुछ सिखाया जाता है। मोती की खेती पहले समुद्र तटीय क्षेत्रों में की जाती थी लेकिन सीफा के प्रयोगों के बाद अन्य राज्य भी इसके लिए मुफीद हैं।
15 सालों के लिए मिलता है आसान लोन-
मोती की खेती का यदि आपके पास प्रशिक्षण है तो इसे बड़े स्तर पर शुरू करने के लिए आप लोन भी ले सकते हैं। इसके लिए नाबार्ड और अन्य कमर्शियल बैंक आपको 15 सालों के लिए सिंपल इंटरेस्ट पर लोन उपलब्ध कराते हैं। केंद्र सरकार की ओर से इस पर सब्सिडी की योजनाएं भी समय-समय पर चलाई जाती हैं। यदि आप इसमें कामयाब हो जाते हैं तो अपने बिजनेस को बढ़ाकर कंपनी भी बना सकते हैं और कमाई करोड़ों में कर सकते हैं।
खुद बेच सकते हैं अपने मोतियों को-
खेती के बाद उत्पाद को बेचना ही सबसे बड़ी बात होती है, लेकिन मोतियों के बारे में ऐसा बिल्कुल नहीं है। हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं। कई बड़ी कंपनियों के एजेंट देशभर में फैले होते हैं जो मोती उत्पादकों के संपर्क में आ जाते हैं। इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं। इंडियन पर्ल कंपनी देश की सबसे बड़ी मोती व्यापार करने और प्राइवेट तौर पर ट्रेनिंग देने वाली कंपनी है। इस कंपनी या इसके जैसी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं।
20,000 करोड़ का कारोबार है दुनिया में-
पूरी दुनिया में इस तरह के मोतियों का कारोबार करीब 20100 करोड़ रुपए का है। भारत में बड़ी मात्रा में मोती पैदा किए जाते हैं लेकिन, फिर भी इसे इंपोर्ट भी किया जाता है। भारत हर साल करीब 50 करोड़ रुपए से अधिक के मोती इंपोर्ट करता है। लेकिन, जहां तक एक्सपोर्ट की बात है तो मोतियों का एक्सपोर्ट भी भारत से 100 करोड़ रुपए से अधिक का है। भारत से डिजाईनर मोतियों का ज्यादा एक्सपोर्ट होता है इसलिए आप अपने को इस तरफ भी मोड़ सकते हैं।

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