बंदर पकड़ो और पैसे कमाओ
हिमाचल प्रदेश में इन दिनों बंदर बेरोजगार युवाओं के लिए कमाई का जरिया बने हुए हैं। सरकार भी इन बंदरों को पकडऩे की मदद में अब तक इन युवाओं को तीन करोड़ रुपए दे चुकी है। इस काम में अधिकतर बेरोजगार युवा जुटे हैं। इसके अलावा वन्यजीव विभाग भी बंदरों की नसबंदी कराने पर 500 रुपए प्रति बंदर के हिसाब से खर्च कर रहा है।
राज्य के वन मंत्री ने बताया बंदरों के आतंक से छुटकारा दिलाने के लिए ही आवारा बंदरों को पकडऩे की योजना बनाई गई है। मंत्री ने कहा बंदरों को पकडऩे के लिए अब तक 336 लोगों को 3.22 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। 2007 से लेकर अब तक 94,334 बंदरों की नसबंदी की जा चुकी है।
शिमला, सोलन, सिरमौर, बिलासपुर, हमीरपुर, उना, मंडी और कांगड़ा जिलों के हजारों किसानों ने कहा है कि बंदरों द्वारा की गई लूट से उन्हें नुकसान हुआ है। वन्यजीव विभाग का अनुमान है कि बंदरों की वजह से 900,000 किसान प्रभावित हुए हैं।
राज्य के वन मंत्री ने बताया बंदरों के आतंक से छुटकारा दिलाने के लिए ही आवारा बंदरों को पकडऩे की योजना बनाई गई है। मंत्री ने कहा बंदरों को पकडऩे के लिए अब तक 336 लोगों को 3.22 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। 2007 से लेकर अब तक 94,334 बंदरों की नसबंदी की जा चुकी है।
शिमला, सोलन, सिरमौर, बिलासपुर, हमीरपुर, उना, मंडी और कांगड़ा जिलों के हजारों किसानों ने कहा है कि बंदरों द्वारा की गई लूट से उन्हें नुकसान हुआ है। वन्यजीव विभाग का अनुमान है कि बंदरों की वजह से 900,000 किसान प्रभावित हुए हैं।

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