ये कंपनी देती है पैदल चलने पर पैसे
यदि पैदल चलने पर ही पैसा मिलता हो तो कमाई के लिए इससें अच्छी बात और क्या हो सकता है। लेकिन अब एक कंपनी ऐसा ही कर रही है। यह कंपनी डिजिटल क्रिप्टो हैं जिसने अपनी नई करेंसी लॉन्च की है और इस करेंसी को इंसान पैदल चलकर कमा सकता है।
बिटवॉकिंग डॉलर नाम से मिलेगा पैसा-
डिजिटल क्रिप्टो की इस करेंसी को बिटवॉकिंग डॉलर नाम से जारी किया गया है जो डिजिटल क्रिप्टो करेंसी बिटकॉइन की तरह ही कंप्यूटर से पैदा होती है। यह करेंसी कमाने के लिए यूजर्स को अपने स्मार्टफोन में बिटवॉकिंग एप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद इस एप के मदद से यह रिकॉर्ड किया जा सकेगा कि वो कितने कदम पैदल चलता है। पैदल चलने पर कदमों की गिनती के आधार पर उस यूजर को बिटवॉकिंग डॉलर दिए जाएंगें।
दस हजार कदम चलने पर मिलेगा एक डॉलर-
बिटवॉकिंग एप कदमों की गिनती के आधार पर प्रति दस हजार कदमों पर यूजर को लगभग एक बिटवॉक डॉलर देगा। यह करेंसी को यूजर ऑनलाइन स्टोर में खर्च करने से लेकर उसें नकद भी ले सकता है। इस एप को बनाने वालों का कहना है कि यह तकनीक विकासशील और गरीब देशों में फिटनेस उद्योग के विकास में मददगार हो सकती है। उनके मुताबिक बिटवॉकिंग योजना गरीब देशों के नागरिकों के जीवन को पूरी तरह से बदलकर रख देगी।
जापानी निवेशक देंगे पैसा-
इस प्रोजेक्ट की शुरूआत करने वाले निसान बहार और फ्रेंकी इम्बेसी को इस प्रोजेक्ट के लिए जापानी निवेशकों से मदद मिली है। उनके मुताबिक यूजर कितने कदम चलता इसको दिखाता बिट वॉकिंग एप जापानी मदद की बदौलत वे ऐसे बैंक और करेंसी की शुरूआत करेंगे जो चले गए कदमों और किसी भी तरह के हस्तांतरण को सत्यापित करेगा।
कंपनी ऐसे नापेगी कदम-
जापानी कंपनी मुराथा एक ऐसा रिस्टबैंड बना रही है जो बिटवॉकिंग मापने में स्मार्टफोन का विकल्प होगा। इस करेंसी को कुछ जूते बनाने वाली कंपनियां भी अपनाने के लिए अपनी सहमति दे चुकी है। हालांकि पैदल चलकर बिटवॉकिंग डॉलर कमाने का यह कोई नया प्रयोग नहीं है। इससे पहले भी कई स्टार्ट-अप समूह, सेहत बनाओ और कमाई करो का विचार पहले लागू कर चुके हैं।
बिटवॉकिंग डॉलर नाम से मिलेगा पैसा-
डिजिटल क्रिप्टो की इस करेंसी को बिटवॉकिंग डॉलर नाम से जारी किया गया है जो डिजिटल क्रिप्टो करेंसी बिटकॉइन की तरह ही कंप्यूटर से पैदा होती है। यह करेंसी कमाने के लिए यूजर्स को अपने स्मार्टफोन में बिटवॉकिंग एप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद इस एप के मदद से यह रिकॉर्ड किया जा सकेगा कि वो कितने कदम पैदल चलता है। पैदल चलने पर कदमों की गिनती के आधार पर उस यूजर को बिटवॉकिंग डॉलर दिए जाएंगें।
दस हजार कदम चलने पर मिलेगा एक डॉलर-
बिटवॉकिंग एप कदमों की गिनती के आधार पर प्रति दस हजार कदमों पर यूजर को लगभग एक बिटवॉक डॉलर देगा। यह करेंसी को यूजर ऑनलाइन स्टोर में खर्च करने से लेकर उसें नकद भी ले सकता है। इस एप को बनाने वालों का कहना है कि यह तकनीक विकासशील और गरीब देशों में फिटनेस उद्योग के विकास में मददगार हो सकती है। उनके मुताबिक बिटवॉकिंग योजना गरीब देशों के नागरिकों के जीवन को पूरी तरह से बदलकर रख देगी।
जापानी निवेशक देंगे पैसा-
इस प्रोजेक्ट की शुरूआत करने वाले निसान बहार और फ्रेंकी इम्बेसी को इस प्रोजेक्ट के लिए जापानी निवेशकों से मदद मिली है। उनके मुताबिक यूजर कितने कदम चलता इसको दिखाता बिट वॉकिंग एप जापानी मदद की बदौलत वे ऐसे बैंक और करेंसी की शुरूआत करेंगे जो चले गए कदमों और किसी भी तरह के हस्तांतरण को सत्यापित करेगा।
कंपनी ऐसे नापेगी कदम-
जापानी कंपनी मुराथा एक ऐसा रिस्टबैंड बना रही है जो बिटवॉकिंग मापने में स्मार्टफोन का विकल्प होगा। इस करेंसी को कुछ जूते बनाने वाली कंपनियां भी अपनाने के लिए अपनी सहमति दे चुकी है। हालांकि पैदल चलकर बिटवॉकिंग डॉलर कमाने का यह कोई नया प्रयोग नहीं है। इससे पहले भी कई स्टार्ट-अप समूह, सेहत बनाओ और कमाई करो का विचार पहले लागू कर चुके हैं।

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