Sunday, 14 August 2016

मिट्टी की जांच कराओ और बढ़िया फसल से ज्यादा पैसे कमाओ।

समय-समय पर मिट्टी की जांच ज्यादा उत्पादन के लिए बेहद जरूरी हैं।
आप चाहे मोटर साइकिल चलाते हो या फिर कार, समय समय पर अपनी कार के टायर की हवा जरूर चैक करवाते हैं। क्योंकि कम हवा के साथ गाड़ी चलाने पर ना केवल टायर के पंचर होने का खतरा बढ़ जाता है, बल्कि गाड़ी का औसत भी गिर जाता है। ठीक इसी तरह है आपके खेत की मिट्टी का जांच का मामला भी हैं।
जिस प्रकार मनुष्‍य एवं जानवरों को संतुलित आहार की आवश्‍यकता होती है, उसी प्रकार फसलों के लिये  भी पोषक तत्‍वों की आवश्‍यकता होती है। अत्‍यधिक एवं असंतुलित उर्वरकों तथा कृषि रसायनों के प्रयोग से खेत की मिट्टी मृत हो रही है या दिनों दिन उत्‍पादन क्षमता घट रही है। जिन क्षेत्रों में अधिक उपज वाली उन्‍नत, संशोधित एवं संकर किस्‍में उगाई जाती है, वहाँ मिट्टी में आवश्‍यक पोषक तत्‍वों की कमी बहुत तेजी से होती है। अत: भरपूर उत्‍पादन लेने के लिए खेत की मिट्टी में उपलब्‍ध तत्‍वों की मात्रा एवं मिट्टी में स्‍वस्‍थ्‍यथा जानने के लिए मिट्टी परीक्षण करना आवश्‍यक हो जाता है।
मिट्टी की जाँच आवश्‍यक हैं-
फसलों से अधिक उपज लेने के लिये यह जानना जरूरी हो जाता है कि मिट्टी में कौन-कौन से पोषक तत्‍व कितनी मात्रा में उपलब्‍ध हैं।
फसल के अनुरूप जैविक खाद, उर्वरकों की मात्रा निर्धारण करने के लिये।
खेत की मिट्टी कौन-कौन से फसल के लिये उपयुक्‍त है।
मिट्टी की अम्‍लीयता, क्षारीयता, विद्युत चालकता का स्‍तर जानने के लिए।
लक्षित उत्‍पादन प्राप्‍त करने एवं उर्वरकों की उपयोगिता क्षमता में वृद्धि करने के लिये।
समस्‍याग्रस्‍त, अम्‍लीय, क्षारीय, ऊसर मिट्टी के सुधार करने हेतु।
मिट्टी का नमूना लेना-
गर्मियों में रबी फसल की कटाई के बाद से लेकर खरीफ की बुवाई के पहले त‍क।
जहां लगातार पूरे वर्ष फसलें ली जाती है वहां कटाई के तुरंत बाद।
बहुवर्षीय या खड़ी फसल में पौधों की कतार के बीच से मिट्टी का नमूना लें।
मिट्टी नमूना लेने के लिए सामग्री-
खुरपी या आगर, तसला या प्‍लास्टिक की साफ बाल्‍टी, एक किग्रा. की दो पॉलीथीन, धागा, सादा कागज, साफ पुराना अखबार।
सावधानियाँ-
वृक्ष और देशी खाद के ढेर के नीचे की मिट्टी न ले।
खेत के कोनों एवं मेड़ से एक मीटर अंदर के ओर की मिट्टी न लें।
अधिकतर समय पानी भरे रहने वाले एवं नाली के पास के स्‍थान से मिट्टी न लें।
खेत की मिट्टी यदि अलग – अलग है तो नमूना की मिट्टी अलग –लगग लें।
उर्वरक, खाद, नमक की बोरी के ऊपर मिट्टी नमूना न सुखवायें।
खेत की मिट्टी में स्‍वाभाविक रूप से पाये जाने वाले कंकड़ आदि अलग न करें।
मिट्टी नमूना रखने के लिए नई एवं साफ पॉलीथीन का प्रयोग करें।
यदि खेत ऊंचहन, निचहन है और फसल अलग- अलग बोते हैं तो मिट्टी का नमूना अलग – अलग लें।
चाही गई जानकारी नमूना पत्रक में भरकर मिट्टी के साथ अवश्‍य भेजें।
नमूना पत्रक उपलब्‍ध न होने पर सादे कागज में नाम, पता, रकबा, खेत निशानी, सिंचाई स्‍त्रोत, असिंचित, ली गई फसल, प्रस्‍तावित अगली फसल दिनांक, अन्‍य संबंधित जानकारी लिखकर मिट्टी नमूना के साथ भेजें।

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